accounting profit and loss account.Dear Friends तो कैसे हो आप सब सबसे पहले हमारी वेबसाइट पर आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। प्यारे दोस्तों मुझे आशा है आप अपने घर पर Safe होंगे।Covid-19 महामारी के चलते हुए Students की पढ़ाई को काफी हानि हुई है। लेकिन अब आपको Accounting को लेकर चिन्तित नहीं होना है। क्योंकि अब हम आपके Accounting Concept को अच्छी तरह Clear करने की पुरी कोशिश करेंगे,आज हम लाभ-हानि खातों की विशेषताएं जानेंगे। चलिए शुरू करते हैं।
लाभ क्या होता है।
आसान भाषा में कहा जाए तो लाभ वह क्रिया है जो एक व्यवसाई को व्यवसाय चलाने के लिए उत्साह देती है लाभ को आसान भाषा में किसी भी तरह के फायदे को कहते हैं जैसे; एक व्यापारी ने तीन ट्रकों का बेड़ा 30 लाख में खरीदा और कुछ दिन पश्चात 35 लाख का बेच दिया इस तरह व्यापारी को 5 लाख का लाभ हुआ।
हानि से तात्पर्य ऐसी क्रिया से है जो व्यवसाय में होने वाले नुक़सान का सन्देश देती हो। आसान भाषा में हानि को नुक्सान या घटना भी कह सकते हैं।
लाभ हानि खाता क्यों बनाया जाता है।
लाभ हानि खाता किसी भी व्यापार को सही ढंग से चलाने के लिए बनाया जाता है लाभ हानि खातों में व्यापारी अपने व्यापार में होने वाले खर्चों को लिखता है तथा वर्ष के अन्त में व्यापार ने कितना लाभ कमाया और कितनी हानि उठाई यह जानने के लिए लाभ हानि खाता बनाया जाता है। यदि किसी व्यापार को दो व्यक्ति गठबंधन करके चलाते हैं तो वह साझेदारी कहलाती है। व्यवसाय से जब साझेदार जो वितरण योग लाभ प्राप्त करके उस लाभ का बंटवारा करते हैं तो वह बंटवारा लाभ-हानि खातों की सहायता से किया जाता है। लाभ-हानि खातों के दो पक्ष होते हैं। 1,Debit पक्ष 2,Credit पक्ष पहले हम बात करेंगे Debit पक्ष की।
Debit पक्ष में हानियों से सम्बन्धित बात की जाती है, अर्थात लाभ-हानि खातों के Debit पक्ष में व्यापार में होने वाली हानियां और व्यय लिखे जाते हैं। Credit पक्ष में लाभ या आय से सम्बन्धित बात की जाती है, Credit पक्ष को जमा पक्ष भी कहां जाता है, लाभ हानि नियोजन खाता नाममात्र का खाता होता है। इन खातों के Debit पक्ष में हानि और व्यय लिखे जाते हैं। तथा Credit पक्ष में लाभ या आय लिखे जाते हैं और अलिखित माल भी Credit पक्ष में लिखा जाता है।
वर्ष के अन्त में जब व्यापारी लाभ-हानि खाते को समाप्त करते हैं, तो व्यापार से होने वाले शेष लाभ या हानि को साझेदारो के साथ बांट दिया जाता हैं या फिर साझेदारों के चालू खातों में जोड़ दिया जाता हैं।
लाभ-हानि खाते कौन बनवाता है।
लाभ-हानि खाते प्रत्येक व्यापारी बनवाता है क्योंकि लाभ-हानि खातों की मदद से वह साल के अन्त में अपने व्यवसाय में उसने कितना लाभ कमाया और कितनी हानि उठाई यह जानने के लिए प्रत्येक व्यापारी लाभ-हानि खाते बनवाता है, यदि व्यापारी को व्यवसाय में हानि हुई है तो वह जान लेता है की किन गलतियों की वजह से उसने व्यापार में हानि उठाई तथा इसके बाद वह अपनी उन गलतियों को सुधारने की कोशिश करता हैं जिन गलतियों की वजह से उसे व्यापार में हानि हुई। लाभ-हानि खाते एक व्यापारी के लिए अति फायदेमंद साबित होते हैं।
दोस्तो हमारी पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद, आपको आज हमने सिखाया लाभ हानि खातो के बारे में, Accountinghindi का अच्छे से अच्छा समझाने का प्रयास रहता है, यदि आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो वेबसाइट को Follow करे क्योंकि हम आपके लिए लेकर आते रहते हैं Accounting के बारे मैं,Comment के द्वारा हमारी पोस्ट का Feedback जरूर दें। thanx u




0 टिप्पणियाँ